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पिता एक अनमोल धन हिंदी निबंध 660 शब्दों में ?

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आज की चर्चा हम अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति को समर्पित करते है जो है एक पिता बच्चे का सारा जीवन होता है

दोस्तों जीवन में कोई भी ऐसा बच्चा नहीं है जो अपने माँ बाप की व्याख्या कर सके क्योंकि हम इतने 

प्रबल नहीं लेकिन कोशिश तो कर ही सकते है उनके व्यक्तित्व को दर्शाने की तो चलिए। 

पिता एक मार्ग दर्शक एक सारथी ?

पिता एक अनमोल धन है दोस्तों क्योकि एक माँ अपने बच्चे को जन्म देती है लेकिन एक पिता उसे एक दिशा  देता है एक जरिया देता है जीने का आपके हर सुख हर दुःख में जितना आपकी माँ साथ देती है

उससे कही ज्यादा एक पिता देता है 

हाँ ज्यादा तर बच्चे अपने पापा से थोड़ा डरते है ,लकिन आप जानते ही है की उनकी आप पर की जाने वाली हर तरह की सख्ती आपके उज्जवल भविष्य के लिए ही होती है 

 दुनिया का हर बाप यही चाहता है की उसकी संतान एक अच्छा नाम कमाए एक ऐसा मुकाम हासिल करे जो कभी वो नहीं कर पाए 

इस लिए हम कहते है की पिता एक अनमोल धन पिता एक मार्ग दर्शक एक सारथी। 

पिता एक मित्र ?

पिता एक अनमोल धन दोस्तों एक पिता ही अपने बच्चो का सच्चा मित्र होता है वो ऐसे की एक माँ अपने बच्चे को लेकर 

इतनी ममतामय होती है की उनकी गलतिया भी वो नज़रअंदाज़ कर देती है पर एक पिता

कभी ऐसा नहीं करता क्योकि जब वो आपको आपकी गलती का एहसास करवाएंगे तभी तो आप 

आगे चल कर ऐसा कुछ नहीं करोगे की आपकी और आपके परिवार की बदनामी हो दोस्तों पिता के साथ बिताया हुआ पल आज शायद ही किसी को याद हो 

हम सब माँ के लिए तो बहुत कुछ लिखते है लेकिन एक पिता के बारे में उतनी चर्चा नहीं करते 

कुछ बच्चे भी ऐसे ही होते है जो उनको मिल रही सुविधा का दुरूपयोग करते है गलत सांगत में 

पड़ कर अपना भविष्य बर्बाद कर लेते है। 

पिता एक नीव ?

पिता एक अनमोल धन ,पिता एक नीव कैसे ना हो हम कैसे ना कहे की पिता एक नीव है एक पिता अपने बच्चो में वो सारे गुण वो सरे संस्कार देते है जो एक भद्र पुरष की निशानी होती है 

चाहे वो किसी का सम्मना करना हो या किसी की सहायता कारना किसी की ख़ुशी में शामिल होना हो या दुःख में 

एक अच्छा इंसान बनाने से लेकर एक सुखी जीवन देने के प्रयास में अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाला एक ऐसा इंसान जो आपके साथ खड़ा रहता है वो एक नीव ही तो है। 

वो चाहता है की जैसा मै आज इसे सिखाऊंगा कल ये भी अपने परिवार को वही सिखाएगा तो हुआ न एक नीव। 

पिता के समर्पण के लिए 2 पंक्तियाँ ?

एक रोटी के लिए जो मै खुद को गिरवी रख दू तो कोई मसला नहीं जनाब मै एक पिता हूँ बच्चो को भूखा नहीं रख सकता। 

खुद को भुला कर बच्चो के लिए जीता हूँ खुद की मुस्कराहट बच्चो में खोजता हूँ एक पिता हुँ साहिब बच्चो के लिए सोचता हूँ। 

बस इस पंक्ति के साथ आज की हमारी ये चर्चा समाप्त होती है दोस्तों। 

(निष्कर्ष)

पिता एक अनमोल धन हिंदी निबंध पिता एक अनमोल धन है ये तो आप जानते ही है दोस्तों आशा करता हूँ की आपको पिता के ऊपर लिखा हुआ ये निबंध पसंद आया होगा 

और आप अपनी प्रतिक्रिया कमेंट में जरूर दे और हमे बताए की आपको और किस विषय पर ब्लॉग चाहिए 

हम पूरी कोशिश करेंगे की आपके दिए हुए विषयो पर चर्चा करे 

बस हमेशा की तरह आपसे इतनी गुज़ारिश है की आप इस ब्लॉग को अपना सहयोग दे और आने वाले 

सभी ब्लोग्स पर अपना प्यार देते रहे।  

आप सभी का इस ब्लॉग को पढ़ने के लिए धन्याद article adda आपका शुक्रगुज़ार है मेरे दोस्तों आप चाहे तो google के माध्यम से और किसी अन्य टॉपिक का चयन कर सकते है।

 

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